“राजद और जन सुराज की साइलेंट अंडरस्टैंडिंग आई सामने”
उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे चुनाव के दौरान राजद और जन सुराज के बीच एक “साइलेंट अंडरस्टैंडिंग” देखने को मिली. उन्होंने कहा कि कई मतदान केंद्रों पर राजद के कार्यकर्ता अपने समर्थकों को दूसरे प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने के लिए प्रेरित करते नजर आए, जिससे दोनों दलों की अंदरूनी रणनीति उजागर हो गई है. प्रशांत किशोर पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जिनका नाम प्रशांत किशोर है, वे न प्रशांत हैं और न किशोर, बल्कि “प्रखर कुटिल” हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि जो व्यक्ति पहले लगातार राजद और तेजस्वी यादव पर हमला बोलता था, उसने पूरे चुनाव में एक बार भी राजद के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की. इससे स्पष्ट है कि भाजपा को हराने के उद्देश्य से विपक्षी दलों के बीच अंदरखाने समझौता किया गया था.
फर्जी सर्वे और एग्जिट पोल से भ्रम बनाने की कोशिश
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि चुनाव समाप्त होने के कुछ ही मिनटों बाद फर्जी सर्वे और एग्जिट पोल के माध्यम से भ्रम फैलाने का प्रयास किया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कथित सर्वे एजेंसियों के जरिए जनता के बीच कृत्रिम माहौल बनाने की कोशिश हुई, लेकिन जनता ने इन हथकंडों को पूरी तरह नकार दिया. उन्होंने कहा कि भाजपा अपने संगठन और कार्यकर्ताओं के फीडबैक पर भरोसा करती है, न कि प्रायोजित सर्वेक्षणों पर.
अजय आलोक ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रचार समाप्त होने के बाद भी जन सुराज के बाहरी कार्यकर्ता बड़ी संख्या में बांकीपुर और पटना में डेरा डाले रहे तथा चुनावी नियमों की अनदेखी की गई. उन्होंने कहा कि भाजपा ने इस संबंध में चुनाव आयोग से आधिकारिक शिकायत भी की, जबकि विपक्षी दलों ने कोई आपत्ति नहीं जताई. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले ही अराजकता का माहौल बनाने और बाद में हार का ठीकरा प्रशासन और चुनाव आयोग पर फोड़ने की रणनीति तैयार कर ली गई थी. अजय आलोक ने यह भी कहा कि भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करता है और चुनाव प्रचार समाप्त होते ही क्षेत्र छोड़ देता है, लेकिन जन सुराज ने सहानुभूति और राजनीतिक लाभ के लिए विवाद खड़ा करने का प्रयास किया. उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया, धनबल और बाहुबल के सहारे बिहार की राजनीति में नया प्रयोग करने की कोशिश की गई, जिसे जनता ने पूरी तरह अस्वीकार कर दिया.
अजय आलोक ने विश्वास जताया कि 3 अगस्त को आने वाले परिणामों में भाजपा भारी बहुमत के साथ विजय प्राप्त करेगी. उन्होंने कहा कि भाजपा को हराने के उद्देश्य से किए गए सभी राजनीतिक प्रयोग विफल साबित होंगे और बांकीपुर एक बार फिर भाजपा का अभेद्य किला सिद्ध होगा. उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि विकास की राजनीति को आगे बढ़ाने के लिए भ्रम और अराजकता फैलाने वाली ताकतों से सतर्क रहने की आवश्यकता है. प्रेस वार्ता में दीघा के विधायक और भाजपा के मुख्य सचेतक संजीव चौरसिया, कुम्हरार के विधायक संजय गुप्ता और भाजपा प्रदेश मीडिया सह प्रभारी अमित प्रकाश बबलू भी उपस्थित रहे.







