निर्दलीय लोकसभा सांसद पप्पू यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन पर जूता फेंके जाने का मामला अब काफी तूल पकड़ चुका है. इस घटना के बाद मिडिया से बातचीत में पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने बड़ा दावा किया है. उन्होंने कहा कि रविवार की घटना के बाद से उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं.
आज सुबह से मिलीं 5 धमकियां
पप्पू यादव ने बताया कि सोमवार सुबह से ही उन्हें 5 अलग-अलग फोन कॉल आए हैं. कॉल करने वाले लोग खुद को बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद का सदस्य बता रहे हैं. वे कह रहे हैं कि घर से बाहर निकलने पर मार देंगे. सांसद ने आरोप लगाया कि दो दिन पहले कुछ लोग उनके बच्चों के घर तक भी पहुंच गए थे.
‘योगी आदित्यनाथ के साथ है हमलावरों की तस्वीर’
सांसद ने कहा कि उन पर हमला करने आए लोगों का संबंध प्रभावशाली नेताओं से है. उनकी तस्वीरें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक के साथ मौजूद हैं. उन्होंने कहा, ‘कुछ कालनेमी संत पीछे से मुझ पर हमला करवा रहे हैं. वे मुझे जिंदा जलाने की बात कह रहे हैं. मेरे ऊपर 51 लाख और 11 लाख रुपये का इनाम भी घोषित कर दिया गया है.’
पप्पू यादव ने कहा कि उन्होंने चंदा चोरी को लेकर केवल एक प्रतीकात्मक बात कही थी. इस पर इतना हंगामा क्यों किया जा रहा है? उन्होंने कहा, ‘मुझे किसी ने बताया कि भागने वाले एक शख्स के पास पिस्टल भी थी, जबकि एक के पास से चाकू पकड़ाया है.’ उन्होंने इस मामले की शिकायत पुलिस और लोकसभा अध्यक्ष से की है.
पप्पू की प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या हुआ था?
दरअसल, रविवार को पप्पू यादव ने दिल्ली स्थित आवास पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी. इसी दौरान एक युवक ने अचानक उन पर जूता फेंक दिया. युवक ने आरोप लगाया कि सांसद ने हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया है.
घटना के तुरंत बाद पप्पू यादव के समर्थकों ने दो युवकों की पिटाई शुरू कर दी. हालांकि, पप्पू यादव ने खुद बीच-बचाव किया और युवकों को भीड़ से बाहर निकालकर पुलिस के हवाले कर दिया. सांसद का दावा है कि वे युवक चाकू लेकर उनकी हत्या करने की नीयत से आए थे. जबकि एक अन्य बंदूक के साथ मौजूद था. जो भागने में कामयाब रहा.







