बांकीपुर उपचुनाव में आरजेडी कैंडिडेट रेखा गुप्ता की जमानत जब्त होने के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव अब बिहार की राजनीति में नये सिरे से सक्रिय होते नजर आने लगे हैं. शुक्रवार बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार से मुलाकात कर सीवान में एके 47 फायरिंग मामले में जिम्मेदारी तय करने की मांग की है. […]
By UB India News • Patna, Bihar शनिवार, 8 अगस्त 2026, 05:46 AM • 3 मिनट read
बांकीपुर उपचुनाव में आरजेडी कैंडिडेट रेखा गुप्ता की जमानत जब्त होने के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव अब बिहार की राजनीति में नये सिरे से सक्रिय होते नजर आने लगे हैं. शुक्रवार बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार से मुलाकात कर सीवान में एके 47 फायरिंग मामले में जिम्मेदारी तय करने की मांग की है. इसके साथ ही उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को बिहार आने का न्योता दिया. सवाल है कि तेजस्वी दोनों नेताओं को बिहार क्यों बुलाना चाहते हैं और इसके पीछे उनकी सियासी रणनीति क्या है?
बिहार में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान AK-47 से फायरिंग का मामला अब सिर्फ पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा है. यह मुद्दा बिहार की राजनीति से निकलकर राष्ट्रीय विपक्ष के एजेंडे में पहुंच गया है. तेजस्वी यादव ने इस मुद्दे को नये सिरे से उठाने की पहल कर दी है और इसमें वह राहुल गांधी और अखिलेश यादव का भी साथ चाहते हैं. दरअसल, बीते 25 जुलाई को सीवान में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मी के AK-47 से फायरिंग करने का वीडियो सामने आया था. इसके बाद संबंधित पुलिसकर्मी को सस्पेंड किया गया और विभागीय जांच शुरू की गई. पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मी ने अपनी और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा के लिए हवा में चार राउंड फायर किए थे. वहीं, विपक्ष का आरोप है कि छात्रों पर पुलिस कार्रवाई जरूरत से ज्यादा थी.
तेजस्वी यादव की डीजीपी से डिमांड
तेजस्वी यादव के मुताबिक पुलिस के बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज के विरुद्ध आज पुलिस महानिदेशक से मिलकर संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक सहित अन्य उच्च पदाधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करते हुए अविलम्ब कार्रवाई की मांग की। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा निम्न मांगों को लेकर डीजीपी को ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें बिहार पुलिस ने छात्रों पर AK-47 से गोलियां क्यों चलाई? Trigger Happy बिहार पुलिस के द्वारा निशाना लेकर बच्चों पर Shoot to Kill की सोच के साथ गोलियां बरसाई जो अत्यंत दुखद और अलोकतांत्रिक है।
तेजस्वी यादव ने सौंपा ज्ञापन
तेजस्वी यादव ने अपने ज्ञापन में तीसरी मांग के तहत बताया कि बिहार पुलिस ने भीड़ नियंत्रण के ‘ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान’ प्रोटोकॉल के SPO का पालन क्यों नहीं किया? फायरिंग का आदेश देने वाले वरीय पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई? छात्र आंदोलन के दौरान पुलिस द्वारा की गई बर्बरतापूर्ण कार्रवाई की न्यायिक जांच करायी जाए। उन्होंने डीजीपी को अपने पार्टी के नेताओं के साथ मिलकर एक ज्ञापन सौंपा और जांच की मांग की।
नीट पेपर लीक मामले पर एक्टिव हुए तेजस्वी
तेजस्वी यादव के साथ आरजेडी के नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी, मंगनीलाल मंडल और विधान पार्षद सुनील सिंह के अलावा भोला यादव मौजूद रहे। उन्होंने डीजीपी से मांग की कि बिहार की बदहाल विधि व्यवस्था को दुरुस्त कर, पुलिस प्रशासन की मनमानी पर अंकुश लगाया जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाए। अगर बिहार सरकार छात्रों पर गोलियां बरसाने वाले मनबढ़ पुलिस अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई नहीं करती है तो विपक्ष का विरोध प्रर्दशन होगा।