मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 2 दिवसीय दौरे पर दिल्ली पहुंचे हैं। बांकीपुर उपचुनाव के परिणाम आने के बाद सम्राट चौधरी का यह पहला दिल्ली दौरा है।
शुक्रवार को सीएम ने कर्तव्य भवन में केंद्रीय वित्त मंत्री और विदेश मंत्री के साथ बैठक की। इस बैठक में बिहार के विकास, वित्तीय जरूरत, केंद्र से मिलने वाली सहायता, भारत-नेपाल सीमा से जुड़े मुद्दों, बाढ़ नियंत्रण को लेकर प्रस्तावित हाई लेवल डैम समेत कई विषयों पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री के साथ डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी, जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद संजय झा और मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
करीब एक घंटे मौजूद रहे विदेश मंत्री एस. जयशंकर
बैठक शुरू होने के करीब एक घंटे बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर कर्तव्य भवन से बाहर निकल गए। हालांकि, इसके बाद केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी और संजय झा की बैठक जारी रही।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और बिहार के अन्य अधिकारी भी इस बैठक में मौजूद रहे। वित्त मंत्री के साथ बैठक का केंद्र बिहार की वित्तीय जरूरतें और विकास परियोजनाएं बताई जा रही हैं।
निर्मला सीतारमण के साथ बैठक में बिहार को केंद्र से मिलने वाली वित्तीय सहायता, बजटीय आवंटन और राज्य की बड़ी विकास परियोजनाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।
भारत-नेपाल हाई लेवल डैम का मुद्दा भी अहम
मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे में बिहार की सबसे बड़ी समस्याओं में शामिल बाढ़ का मुद्दा मेन है। खासकर नेपाल से आने वाली नदियों के कारण हर साल उत्तर बिहार के बड़े हिस्से में बाढ़ का खतरा बना रहता है।
इसी को देखते हुए नेपाल में प्रस्तावित हाई लेवल डैम का मुद्दा भी केंद्र के सामने महत्वपूर्ण तरीके से उठाया जा सकता है। इस परियोजना को बिहार में बाढ़ नियंत्रण के दीर्घकालिक समाधान से जोड़कर देखा जाता है।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बैठक में भारत-नेपाल संबंधों और सीमा से जुड़े विषयों के साथ नेपाल में प्रस्तावित हाई लेवल डैम पर चर्चा को खास महत्व दिया जा रहा है।
नेपाल से आने वाली नदियों के पानी को नियंत्रित करने और बिहार को हर साल होने वाले बाढ़ के नुकसान से बचाने के लिहाज से यह मुद्दा बेहद अहम है।
भारत-नेपाल सीमा से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा
बिहार की नेपाल के साथ लंबी सीमा है। ऐसे में सीमा से जुड़े विषय भी राज्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे के दौरान भारत-नेपाल सीमा से संबंधित मामलों और दोनों देशों के बीच बेहतर समन्वय से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई।
बाढ़ नियंत्रण के साथ-साथ सीमा क्षेत्र के विकास और वहां आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की जरूरत भी बिहार सरकार के एजेंडे में है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के दिल्ली दौरे के दौरान बिहार के विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर केंद्र सरकार के साथ चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात कर कोसी-मेची लिंक परियोजना, सिंचाई, जल प्रबंधन और बिहार को अतिरिक्त केंद्रीय सहायता देने का मुद्दा उठाया। मुख्यमंत्री के आग्रह पर कोसी नदी पर हाई लेवल डैम के डीपीआर को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
कोसी-मेची लिंक परियोजना पर भी तेजी
कोसी-मेची रिवर लिंक परियोजना के पहले चरण के लिए राशि उपलब्ध कराने और दूसरे चरण के तकनीकी अनुमोदन को लेकर भी चर्चा हुई। वित्त मंत्री ने NWDA और जल शक्ति मंत्रालय को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे सीमांचल में सिंचाई और कृषि को बड़ा लाभ मिलेगा। बिहार का उद्देश्य कोसी नदी को अभिशाप से वरदान में बदलना है।
बिहार को अतिरिक्त केंद्रीय सहायता मिलने की उम्मीद
बैठक में SNA और SPARSH को 30 सितंबर तक लागू करने और SASCI के तहत Reform Based Incentive को प्रभावी बनाने पर भी सहमति बनी। इससे बिहार को विकास योजनाओं के लिए अतिरिक्त केंद्रीय राशि मिलने का रास्ता साफ हो सकता है।
विक्रमशिला विश्वविद्यालय और NIFTEM के लिए जमीन उपलब्ध
मुख्यमंत्री ने बताया कि भागलपुर में विक्रमशिला विश्वविद्यालय के लिए 219 एकड़ और हाजीपुर में NIFTEM के लिए 100 एकड़ जमीन राज्य सरकार उपलब्ध करा चुकी है। केंद्र से दोनों संस्थानों का काम जल्द शुरू कराने का अनुरोध किया गया। सोन-फल्गू रिवर लिंक, महाबोधि कॉरिडोर और विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर को भी जल्द शुरू करने पर चर्चा हुई।
अगले चार साल में अर्थव्यवस्था चार गुना करने का लक्ष्य
द इकोनॉमिक टाइम्स के ‘वर्ल्ड लीडर्स फोरम’ में मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार बदलाव के करीब खड़ा है। ‘Build Bihar, Believe in Bihar’ के संकल्प के साथ सरकार उद्योग, निवेश और रोजगार पर जोर दे रही है। मुख्यमंत्री ने अगले चार वर्षों में बिहार की अर्थव्यवस्था को चार गुना करने का लक्ष्य बताया।
उद्योग, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में सेमीकंडक्टर और GCC के लिए नई औद्योगिक नीतियां लागू की गई हैं। राज्य में चार एयरपोर्ट चालू हैं, 10 छोटे-बड़े एयरपोर्ट पर काम चल रहा है और छह एक्सप्रेस-वे भी निर्माणाधीन हैं। अगले पांच वर्षों में खनन क्षेत्र से करीब 7-8 हजार करोड़ रुपये राजस्व जुटाने की योजना है।
सरकार का अगले पांच वर्षों में एक करोड़ लोगों को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में अब तक 43 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। शिक्षा, सिंचाई, सड़क, हवाई और जल परिवहन को मजबूत कर बिहार को निवेश और रोजगार का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने निवेशकों से बिहार में निवेश करने की अपील करते हुए कहा कि राज्य तेजी से बदलाव की ओर बढ़ रहा है और बिहार की समृद्धि से ही विकसित भारत का रास्ता मजबूत होगा।







