बिहार की राजनीति में अब नीतीश कुमार की विरासत को लेकर नया सियासी संग्राम छिड़ गया है. राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने नालंदा में पार्टी के समीक्षा शिविर में कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार और देश की राजनीति में समृद्ध विरासत बनाई है और अब जब उन्होंने फुर्सत ले ली है […]
By UB India News • Patna, Bihar सोमवार, 24 अगस्त 2026, 06:01 AM • 6 मिनट read
बिहार की राजनीति में अब नीतीश कुमार की विरासत को लेकर नया सियासी संग्राम छिड़ गया है. राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने नालंदा में पार्टी के समीक्षा शिविर में कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार और देश की राजनीति में समृद्ध विरासत बनाई है और अब जब उन्होंने फुर्सत ले ली है तो इस विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी आरएलएम को संभालनी चाहिए. उपेंद्र कुशवाहा के इस बयान ने एनडीए के कुनबे में ही खलबली मचा दी है और जेडीयू -बीजेपी दोनों ने पलटवार किया. जेडीयू ने सीधे तौर पर निशांत कुमार का नाम आगे करते हुए कहा कि नीतीश की विरासत कौन संभालेगा, यह तय है. वहीं बीजेपी ने कहा कि नीतीश कुमार ने राजनीति से फुर्सत ली ही नहीं है.
कुशवाहा बोले- विरासत आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी RLM की
बता दें कि नालंदा में पार्टी कार्यकर्ताओं के समीक्षा शिविर में उपेंद्र कुशवाहा ने नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने बिहार और देश की राजनीति में अपनी समृद्ध विरासत बनाई है. अब जब उन्होंने फुर्सत ले ली है तो इस विरासत को आगे बढ़ाने का दायित्व आरएलएम को संभालना चाहिए. उपेंद्र कुशवाहा के इस बयान को बिहार की राजनीति में खास संकेत के तौर पर देखा जा रहा है. खासकर इसलिए कि आरएलएम अभी एनडीए का हिस्सा है और नीतीश कुमार के राजनीतिक भविष्य को लेकर सहयोगी दलों में अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं.
JDU अध्यक्ष बोले- पहले अपना कुनबा संभालिए
दूसरी ओर उपेंद्र कुशवाहा के बयान पर जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने तीखा पलटवार किया. उन्होंने कहा कि गांवों में बड़े-बुजुर्ग सलाह देते हैं कि चादर जितनी हो, पैर उतने ही फैलाने चाहिए. उन्होंने कुशवाहा पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ अतिमहत्वाकांक्षी लोग खाली बैठे ख्याली पुलाव पकाते और कभी पूरे न होने वाले दिवास्वप्न देखते हैं. उमेश कुशवाहा ने कहा कि ऐसे लोगों को जेडीयू की चिंता छोड़कर पहले अपने कुनबे की चिंता करनी चाहिए. उन्होंने आरएलएम के संगठन और राजनीतिक स्थिति पर भी कटाक्ष किया.
नीतीश मॉडल ब्रांड की चर्चा
सवाल उठता है कि क्या अशोक चौधरी ने ये बयान गठबंधन में शामिल बीजेपी की ओर इशारा करके दिया है? या फिर इस बयान के कुछ और मायने हैं। मीडिया से बातचीत में अशोक चौधरी ने कहा कि जिस तरह हम निशांत कुमार को अपने घरों में नेता मानते हैं, उसी तरह अब उन्हें आधिकारिक तौर पर भी स्वीकार कर लिया है। अब पार्टी में किसी और के लिए जगह नहीं है। उपेंद्र कुशवाहा को भी बहुत समय मिला था और उन्हें साथ लाने के प्रयास हुए थे, लेकिन अब कोई जगह नहीं बची है।
उपेंद्र कुशवाहा पर पलटवार
आरएलएम सांसद उपेंद्र कुशवाहा के बारे में उन्होंने कहा कि वे समता पार्टी के समय से साथ रहे हैं। ऐसा नहीं है कि नीतीश कुमार ने उन्हें मौके नहीं दिए। अपने पहले कार्यकाल में नीतीश कुमार ने उन्हें विपक्ष का नेता बनाया और कई अहम जिम्मेदारियां दीं। अगर वे पार्टी में रहते तो कुछ और हो सकता था, लेकिन उन्होंने एक बार नहीं, बल्कि दो-दो बार पार्टी छोड़कर अलग पार्टी बना ली। अब नीतीश कुमार की विरासत को निशांत कुमार ही आगे ले जाएंगे।
उपेंद्र कुशवाहा की किस बात पर विवाद?
| उपेंद्र कुशवाहा ने हाल में कहा था कि नीतीश कुमार ने अब सक्रिय राजनीति से विश्राम ले लिया है। उनकी विशाल विरासत को आगे बढ़ाने का काम राष्ट्रीय लोक मोर्चा को मिलना चाहिए। |
| राजगीर में आयोजित पार्टी के एक कार्यक्रम और पटना में प्रेस वार्ता के दौरान कुशवाहा ने नीतीश की विरासत और उनकी राजनीति स्थिति पर अपनी बात रखी थी। जिसके बाद जेडीयू के बयान आने शुरू हुए। |
| उपेंद्र कुशवाहा ने कहा था कि नीतीश कुमार ने लंबे समय तक बिहार की सेवा करने के बाद अब विश्राम ले लिया है। उनके हटने के बाद बिहार की जनता की चिंता ये है कि इस विशाल राजनीतिक विरासत को कौन आगे बढ़ाएगा। |
| उपेंद्र कुशवाहा ने जेडीयू को मजबूत करने में लंबे समय तक पसीना बहाने की बात कही थी। वो ये भूल गए थे कि जेडीयू में निशांत कुमार की एंट्री हो चुकी है। उसके बाद से जेडीयू कुशवाहा पर हमलावर है। |
अशोक चौधरी ने छेड़ा नया राग
अशोक चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार का मॉडल एक ब्रांड बन चुका है, जिसे हर कोई फॉलो करना चाहता है। जल-जीवन-हरियाली योजना पर दुनिया भर के पर्यावरण वैज्ञानिकों से लेकर बड़े नेताओं ने नीतीश कुमार को सुना है। उनकी पोशाक योजना और साइकिल योजना को समझने के लिए सात देशों के लोग बिहार आए थे। नीतीश कुमार का मॉडल एक सफल मॉडल है और जिसे भी सफलता चाहिए, वह इसे फॉलो करेगा।
राहुल गांधी पर भी दिया बयान
राहुल गांधी के महिलाओं को बराबर हक देने वाले बयान पर मंत्री ने कहा कि बिल्कुल मिलना चाहिए, लेकिन इस पर नीतीश कुमार पहले से ही काम कर रहे हैं। बिहार में पुलिस फोर्स में सबसे ज्यादा महिलाएं हैं। पंचायती राज व्यवस्था में महिलाओं को आरक्षण नीतीश कुमार ने दिया। सरकारी नौकरियों में भी महिलाओं को आरक्षण दिया गया है। नीतीश कुमार महिला सशक्तिकरण के ब्रांड एंबेसडर हैं। पटना का नाम बदलकर पाटलिपुत्र करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह कोई खराब विचार नहीं है। अपनी विरासत को लेकर चलना चाहिए।
BJP बोली- नीतीश ने अभी फुर्सत ली ही नहीं
दूसरी ओर, बीजेपी प्रवक्ता कुंतल कृष्ण ने भी कुशवाहा के दावे को खारिज किया. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने अभी फुर्सत नहीं ली है. वे जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और अक्टूबर से बिहार यात्रा पर निकलने वाले हैं. बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि ऐसे में अभी विरासत की बात करना ही बेमतलब है. उन्होंने यह भी कहा कि जेडीयू में कई योग्य चेहरे मौजूद हैं.
RJD ने परिवारवाद को लेकर घेरा
जबकि, इस पूरे विवाद में आरजेडी ने भी मौका नहीं छोड़ा. पार्टी प्रवक्ता एज्या यादव ने उपेंद्र कुशवाहा पर परिवारवाद को लेकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि परिवारवाद करने वाले कुशवाहा जब नीतीश कुमार की विरासत की बात करते हैं तो यह अजीब लगता है. उन्होंने दावा किया कि कुशवाहा ने अपनी पत्नी को विधायक और बेटे को मंत्री बनवाया है. आरजेडी ने यह भी कहा कि निशांत कुमार मौजूद हैं.